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Bhawishya Ka Dharma : Waigyanik Dharm

भविष्य का धर्म: वैज्ञानिक धर्म (द्वितीय संस्करण - 1998) - एक संक्षिप्त विवरण

क्या भविष्य में धर्म का स्वरूप बदलेगा? क्या विज्ञान और धर्म एक दूसरे के विरोधी ही बने रहेंगे?

यह गहन चिंतनपूर्ण पुस्तक, "भविष्य का धर्म: वैज्ञानिक धर्म" के द्वितीय संस्करण (1998), इन्हीं महत्वपूर्ण प्रश्नों पर गहराई से विचार करती है। यह पुस्तक उन जिज्ञासु पाठकों के लिए एक अद्वितीय मार्गदर्शिका है जो धर्म और विज्ञान के बीच सामंजस्य स्थापित करने की संभावनाओं को तलाश रहे हैं। लेखक इस बात पर ज़ोर देते हैं कि भविष्य का धर्म अंधविश्वासों और रूढ़ियों से मुक्त होकर वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तर्क पर आधारित होगा।

पुस्तक में यह पड़ताल की गई है कि कैसे वैज्ञानिक प्रगति और मानवीय ज्ञान में वृद्धि धर्म की हमारी पारंपरिक समझ को चुनौती दे रही है। लेखक का मानना है कि एक ऐसे धर्म का उदय होना अपरिहार्य है जो वैज्ञानिक सिद्धांतों और खोजों के अनुरूप हो, जो अनुभवजन्य प्रमाणों और तार्किक विश्लेषण को महत्व दे। यह पुस्तक पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं की आलोचना नहीं करती, बल्कि एक ऐसे भविष्य की कल्पना करती है जहाँ धर्म और विज्ञान एक दूसरे के पूरक बनकर मानवता को अधिक समग्र और तर्कसंगत जीवन जीने की दिशा प्रदान करेंगे।

"भविष्य का धर्म: वैज्ञानिक धर्म" यह समझने का प्रयास करती है कि:

  • वैज्ञानिक दृष्टिकोण धर्म को किस प्रकार नया आकार दे सकता है?

  • आध्यात्मिक अनुभव और वैज्ञानिक व्याख्या के बीच क्या संबंध हो सकता है?

  • नैतिकता और मूल्यों की एक सार्वभौमिक प्रणाली कैसे विकसित की जा सकती है जो वैज्ञानिक ज्ञान पर आधारित हो?

  • भविष्य के धर्म के मूल सिद्धांत क्या होंगे?

यह पुस्तक उन लोगों के लिए विशेष रूप से रुचिकर है जो:

  • धर्म और विज्ञान के अंतर्संबंधों में रुचि रखते हैं।

  • आध्यात्मिकता के एक तर्कसंगत और आधुनिक दृष्टिकोण की तलाश में हैं।

  • धार्मिक रूढ़िवादिता और अंधविश्वासों से परे सोचना चाहते हैं।

  • मानवता के भविष्य और धर्म की भूमिका के बारे में चिंतनशील हैं।

यह द्वितीय संस्करण (1998) समकालीन वैज्ञानिक विचारों और सामाजिक परिवर्तनों के परिप्रेक्ष्य में भविष्य के धर्म की अवधारणा को और अधिक स्पष्टता से प्रस्तुत करता है। यह पुस्तक पाठकों को सोचने, प्रश्न करने और अपने विश्वासों का पुनर्मूल्यांकन करने के लिए प्रेरित करती है।

यदि आप एक ऐसी पुस्तक की तलाश में हैं जो आपको धर्म और विज्ञान के बारे में एक नए दृष्टिकोण से सोचने पर मजबूर करे, तो "भविष्य का धर्म: वैज्ञानिक धर्म" आपके लिए एक महत्वपूर्ण पाठ साबित हो सकती है। यह पुस्तक एक बौद्धिक यात्रा है जो आपको भविष्य के संभावित धार्मिक परिदृश्य की गहरी समझ प्रदान करेगी।

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Brand: Yug Nirman Yojna Trust
Author: Pandit Sriram Sharma Acharya